रावण

जेल से बाहर आया रावण, आते ही कहा 2019 में सत्ता से बाहर फेंको बीजेपी को

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ़ रावण आखिर जेल से रिहा हो ही गए। देर रात 2.37 के समय पर उन्हें सहारनपुर जेल से रिहा कर दिया गया। एनबीटी के मुताबिक जेल के बाहर रिहाई के वक़्त भारी संख्या में चंद्रशेखर के समर्थक उपस्थित थे।

जो रात में ही जुलूस निकालते हुए चंद्रशेखर को उनके घर तक ले गए। इस दौरान चंद्रशेखर ने मीडिया से बात की और कहा कि, ‘सरकार इतनी डर गई थी कि उसने सुप्रीम कोर्ट के दंड से बचने के लिए मेरी जल्दी रिहाई के आर्डर दे दिए। मुझे विश्वास है कि वे मुझे 10 दिन के भीतर किसी अन्य मामले में फँसायेंगे।

मैं अपने लोगों से मांग करता हूँ कि 2019 में बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंके।’ साथ ही रावण ने अपने बहुजनो की लड़ाई को जारी रखने की बात की और कहा कि ‘उनको मुझसे चुनाव में डर लगता है। लेकिन इससे मैं घबराने वाला नहीं हूं।

देश में बहुजनों के खिलाफ होने वाले हर अत्याचार के खिलाफ हम आवाज बुलंद करेंगे। न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे और अन्याय के खिलाफ जंग जारी रहेगी।’

रावण ने योगी सरकार पर सहारनपुर हिंसा में बेगुनाह लोगों तथा बच्चों को फंसाकर जेल भेजने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘सरकार को मुझसे दिक्कत थी तो मुझे गिरफ्तार करती, निर्दोष लोगों को जेल क्यों भेजा गया। सरकार ने छोटे – छोटे बच्चों को भी जेल भेज दिया। लोगों को सिर्फ जाति के आधार पर निशाना बनाया गया।

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जेल में बंद जब बेगुनाह लोग रोते थे तो मेरा दिल रोता था। पुलिस के पास हम बेगुनाह लोगो के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। हम सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।’

गौरतलब हो कि सहारनपुर हिंसा का मास्टरमाइंड कहा जाने वाला तथा फूलन देवी की हत्या के जुर्म में सजा काटकर बाहर आया शेर सिंह राणा था। जिसके भड़काऊ भाषणों की वजह से सहारनपुर हिंसा की आग को हवा मिली। योगी सरकार ने राणा पर कार्यवाही न करते हुए भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण को निशाना बनाया था।

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