बिहार के मुजफ्फरपुर

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले पर सुशासन बाबू ने चुप्पी तोड़कर दी सफाई

बिहार के मुजफ्फरपुर के बालिका गृह की शर्मनाक घटना पर बिहार के सुशासन बाबू या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले पर सफाई पेश की। मामले पर सफाई पेश करने के साथ – साथ नीतीश विपक्ष पर भी हमला करते दिखे।

नीतीश ने मंत्री मंजू वर्मा का बचाव करते हुए कहा कि अगर मामले किसी मंत्री को दोषी पाया जाता है तो वह बख्शा नहीं जायेगा। लेकिन इस मामले को अभी क्यों उठाया जा रहा है। हमने उन्हें (मंजू वर्मा) बुलाया और उन्होंने मामले में किसी भी तरह की भागीदारी से साफ़ मना कर दिया।


यह आधारहीन आरोपों के स्तर के लिए उचित कैसे है? मामले की जांच सीबीआई द्वारा हाईकोर्ट की देखरेख में की जानी चाहिए। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह शर्मनाक घटना है।

इसकी वजह से सभी बिहारियों की छवि को नुकसान पहुँचा है। लेकिन, ये केवल एक बिहारी है जिसने मामले में स्वतंत्र जांच शुरू की। मैं अपनी छवि के बारे में चिंतित नहीं हूं, मैं अत्यधिक प्रतिबद्धता के साथ काम करता हूं। यह सार्वजनिक है जो इसका न्याय करेगा।

वहीं नीतीश ने अपने विरोधियों द्वारा जंतर – मंतर पर कैंडल मार्च निकलने को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि धरना दिया गया जिससे भ्रस्टाचार पर बहस विफल हो जाए। इसे राजनीतिक लक्ष्यों के लिए मंच के रूप में इस्तेमाल किया गया था।

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भ्रष्ट नेताओं ने कई मामलों में आरोप लगाया और एक मंत्री, जो महिलाओं के लिए बुरे शब्दों का उपयोग करता है, मार्च में मोमबत्ती के साथ खड़ा हुआ था।

इसके आलावा नीतीश कुमार ने बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह के मामले के सामने आने के बाद सभी जिले के जिलाधिकारियों को राज्य में चल रहे बालिका व महिला संरक्षण गृह का मुआयना करने का निर्देश दिया। जिससे ऐसे मामलो की पुनरावृति न हो सके।

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