महेंद्र यादव

महेंद्र यादव- देश बर्बाद आरक्षण की वजह से नहीं डोनेशन की वजह से है

महेंद्र यादव: देश में आरक्षण के समर्थको और मेरिटधारियो की बीच चल रही बहस जोरो पर है| जानकार लोगो का मानना है कि देश आरक्षण की वजह से बर्बाद नहीं है बल्कि देश में चल रहे डोनेशन नाम के गोरखधंदे से है| भोपाल में रेलवे कोच फैक्टरी में 20 अप्रैल को ऑल इंडिया रेलवे एससी-एसटी एंपलाइज़ एसोसिएशन की ओर से डॉ अंबेडकर की 127वीं जयंती के अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र समारोह को सम्बोधित करते हुए बताया कि देश में किस तरह से आरक्षण के नाम पर लोगो को भड़काया जा रहा है और किस तरह से राजनीति की जा रही है?

उन्होंने कहा कि जब डोनेशन के रूप में लाखो रुपये देकर मेरिट वाला डॉक्टर, इंजीनियर बनता है तो कोई मेरिट वाला इस पर सवाल क्यों नहीं उठता? आरक्षण की जब बात आती है तो कुछ तथाकथित मेरिट वाले आत्मदाह करने को आगे आते है, मरने – मारने पर उतारू हो जाते है और भी न जाने क्या – क्या करने की धमकी तक दे डालते है?

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शासन काल में हुए देश के सबसे बड़े घोटालो में से एक ‘व्यापम घोटाला’ जिसने न जाने कितने छात्रों का जीवन तबाह कर दिया, महेंद्र यादव ने व्यापम पर कहा कि आरएसएस की गोद में बैठकर शिवराज सिंह चौहान ने व्यापम घोटाले के जरिए प्रदेश के हजारों प्रतिभाशाली बच्चों का भविष्य चौपट किया लेकिन किसी मेरिटवादी ने आत्मदाह नहीं किया जबकि मंडल आयोग लागू होने के बाद आत्मदाह का सिलसिला लम्बे समय तक चला था| क्या यह आरक्षण के नाम पर राजनीति नहीं है?

लोकतंत्र में बीजेपी तथा कांग्रेस नेताओ की राजशाही – महेंद्र यादव

भारत देश में संविधान लागू होने के राजशाही का अंत हो गया था लेकिन आज़ादी के बाद देश में कुछ नेता अभी भी अपने आप को राजा से कम नहीं मानते| यह कृत्य देश के संविधान को सीधे चुनौती देता है| कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया और बीजेपी से राजस्थान की मौजूदा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इसका उचित उदाहरण है| देश में राष्ट्रपति के रहते कोई और राजा नहीं हो सकता लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया,वसुंधरा राजे जैसे नेता बाकायदा राज्याभिषेक कराते है और खुद को राजा या रानी घोषित करते है| ऐसे लोगों को एकदम नकार देना चाहिए और इनकी जगह जेल में होनी चाहिए|

भारतीय मीडिया में ब्राह्मण जाति का ही वर्चस्व क्यों ?

महेंद्र यादव ने मीडिया में सिर्फ ब्राह्मण जाति के वर्चस्व होने पर भी सवाल उठाये| उन्होंने कहा कि मीडिया का आज महत्व भी बढ़ा है लेकिन उसकी प्रतिष्ठा भी कम हुई है| इसके जिम्मेदार वो लोग हैं जो मीडिया में छाए हुए हैं| गौरतलब हो कि देश में मीडिया की स्थिति अत्यधिक दयनीय है अभी हाल ही में जारी रिपोर्टर विदआउट बॉर्डरस की रिपोर्ट के अनुसार विश्व में मीडिया की स्वतंत्रता 136 से लुढ़ककर 138 हो गई है| जो एक गंभीर विषय है|

महेंद्र यादव ने आगे कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी तो दूर रहे, मीडिया में बैठे ब्राह्मण अन्य सवर्ण जातियों तक को उचित भागीदारी देने को तैयार नहीं हैं| मंडल आयोग के लागू होने के बाद आत्मदाह करने वालों की जिद थी कि उन्हें ही सारे मौके दो वरना वो मर जाएंगे, उन्हें अत्याचार करने की छूट दो, लोगों के सिर पर सवार होने की छूट दो वरना वे मर जाएंगे| सारे आरक्षण विरोधी व्यापम घोटाले के दौरान चुप्पी साधे रहे|

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साथ ही उन्होंने बीजेपी से ज्यादा कांग्रेस को एससी, एसटी और ओबीसी का विरोधी बताते हुए कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अब मुख्यमंत्री बनने के लिए एससी एसटी और ओबीसी के वोट मांग रहे हैं, लेकिन इन्हीं के पिता माधवराव सिंधिया और कांग्रेस के तब के अध्यक्ष राजीव गांधी ने मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू करने पर वीपी सिंह को संसद में पानी पी-पीकर कोसा था| उन्होंने कहा कि हमें अपने समुदाय की प्रतिभाओं को पहचानना और उनका सम्मान करना होगा| बिना किसी के बहकावे में आये हुए हमें अपने हक़ की लड़ाई लड़नी होगी|

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