शिवराज सिंह चौहान इस वक़्त

शिवराज सिंह चौहान कुपोषण पर क्या जवाब देंगे जनता को?

शिवराज सिंह चौहान कुपोषण पर क्या जवाब देंगे जनता को?: मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान जब विधानसभा चुनावों के लिए उतरेंगे तो उन्हें राज्य में बढ़ते कुपोषण की जवाबदेही भी लेनी होगी। जीत के लिए वे भले ही आश्वस्त दिख रहे हों, लेकिन कुपोषण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को मिली बदनामी उनकी राह में बाधा बन सकती है।

राज्य से कुपोषण मिटाने में भले ही उन्हें तनिक भी सफलता न मिली हो, लेकिन वे भाजपा की लगातार चौथी बार सरकार बनाने में सफलता जरूर पा लेंगे, ऐसा उन्हें विश्वास है।

पिछले सप्ताह ही ग्वालियर में 2 बच्चों की कुपोषण से हुई मौत के कारण फिर ये मुद्दा गरमाया है। सरकार ने आनन-फानन में कई कुपोषित बच्चों को कुपोषण केंद्र में भर्ती कराया है।

मध्यप्रदेश में कुपोषण से हर दिन 92 बच्चों की मौत हो रही है। महिला और बाल विकास विभाग ने खुद विधानसभा में बताया है कि प्रदेश में जनवरी 2016 से जनवरी 2018 के बीच लगभग 57 हजार बच्चों को कुपोषण के कारण जान गंवानी पड़ी है।

सितंबर 2016 में प्रदेश के श्योपुर जिले में 116 बच्चों की मौत के बाद तो हाहाकार मच गया था। कांग्रेस ने भी सत्याग्रह किया था। घबराए शिवराज ने तब इस मामले पर श्वेत पत्र लाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में चुप बैठ गए। बताया जा रहा है कि इसके लिए समिति तो बनी है, लेकिन समिति को करना क्या है, ये ही तय नहीं किया गया है।

ये भी पढ़े – खतरा राजनीति से नहीं सांप्रदायिक राजनीति से होता है

मध्यप्रदेश में कुपोषण का मुद्दा चुनावों के समय भले ही कठिनाई पैदा करे लेकिन आमतौर पर अधिकारी और नेताओं को इससे दिक्कत नहीं होती।

कुपोषण शिवराज सिंह चौहान की राजनीतिक प्राथमिकताओं में कभी शामिल नहीं रहा और आम जनता भी उनसे इस मामले में सवाल-जवाब नहीं करती है। 2003 के बाद से ही तकरीबन हर लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का अंतर बढ़ता ही रहा है, और कुपोषण जैसे मुद्दे उसे विचलित नहीं कर सके हैं।

अपनी राय दें

avatar
3000
  Subscribe  
Notify of