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शिवराज सिंह चौहान ने स्वीकारी हार, राज्यपाल को सौंपा इस्तीफ़ा

मध्यप्रदेश में संपन्न हुए चुनावों के कल नतीजे आने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने आज राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को अपना इस्तीफ़ा सौंपा। तीन राज्यों में अपनी सत्ता गंवाने के बाद भगवा पार्टी सकते में है।

भगवा पार्टी को जनता का संदेश साफ़ समझ में आ गया होगा कि विकास के नाम पर लिया गया वोट, पार्टी की हिंदुत्व विचारधारा को नहीं झेल सकता।

शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के विधानसभा चुनावों में अपनी हार को स्वीकारते हुए कहा कि हमें बहुमत नहीं मिला है, और न ही हम सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। अब मैं मुक्त हूँ, हार की पूरी जिम्मेदारी मैं लेता हूँ।

एनबीटी के मुताबिक शिवराज ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश के 7.5 करोड़ वासी मेरे परिवार के सदस्य है, उनका सुख मेरा सुख व उनका दुख मेरा दुख है। मैंने तथा मेरी टीम ने पूरी क्षमता के साथ मिलकर मध्यप्रदेश के विकास और जनता का कल्याण करने की कोशिश की।

हमने किसी भी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ी। जाने-अनजाने मेरे किसी काम से, मेरे शब्दों, मेरे किसी भाव से साढ़े 7 करोड़ मेरे मध्य प्रदेश के भाई-बहनों के मन को कोई कष्ट हुआ तो मैं क्षमाप्रार्थी हूं। हम मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे और मेरी चौकीदारी आज से शुरू हो गई है।

शिवराज ने आगे कहा कि वो आशा करते है कि कांग्रेस पार्टी जनता के विकास के लिए मौजूदा योजनाओं को जारी रखेगी।

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साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस को 10 दिनों में किसानों का कर्जा माफ़ करने का वादा याद दिलाते हुए कहा कि नई सरकार बनाने वाली पार्टी अपने वचनपत्र के मुताबिक 10 दिनों में प्रदेश के किसान भाइयों का कर्ज माफ करे। उन्होंने वादा किया है कि ऐसा न करने पर वे अपना मुख्यमंत्री बदल देंगे।

गौरतलब हो कि अभी हाल ही में 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आये है। ये नतीजे केंद्र तथा देश के कई राज्यों की सत्ता पर आसीन भगवा पार्टी या बीजेपी के लिए निराशाजनक साबित हुए है।

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