नरभक्षी बाघिन अवनि की मौत पर महाराष्ट्र वन मंत्री का मेनका गाँधी को जवाब

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13 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाने वाली नरभक्षी बाघिन अवनि को महाराष्ट्र के वन विभाग के कर्मचारियों ने मार गिराया। केंद्रीय मंत्री मेनका गाँधी ने टी1 बाघिन की मौत के बाद अपनी ही पार्टी की महाराष्ट्र सरकार पर अपराधिक हत्या का आरोप लगाया।


केंद्रीय मंत्री मेनका ने अपने ट्विटर पर लिखा कि जिस तरीके से अवनि की हत्या की गई है, मैं उससे दुखी हूं। यह सीधे – साधे अपराध के अलावा कुछ नहीं है। अवनि के कई हितधारकों के अनुरोधों के बावजूद, महाराष्ट्र सरकार के वन मंत्री सुधीर मुनगंतीवार ने हत्या के आदेश दिए।

महाराष्ट्र सरकार के वन मंत्री सुधीर मुनगंतीवार ने मेनका गाँधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से पहले मेनका गांधी ने मुझसे बात की होती तो मुझे खुशी होती। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशानिर्देशों पर 13 लोगों की मौत हो गई और अंत में अवनी को मारने का फैसला किया गया।

न तो मैंने और न ही वन विभाग ने यह निर्णय लिया था। अधिकारी पिछले 1.5 महीनों से उसे पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। जब उन्होंने उसे तंग कर दिया, तो उसने उन पर हमला कर दिया, जिसकी वजह से उन्हें उसे गोली मारनी पड़ी। वन अधिकारियों की ईमानदारी पर संदेह करना गलत है।

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अगर मेनका गांधी सोचती हैं कि कोई बाघ या बाघिन नहीं मारी जानी चाहिए, भले ही वह मनुष्य-खाने वाला हो तो निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया जाना चाहिए।

जानकारी के लिए बता दें के महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में आदिवासी तथा किसानों के लिए आतंक का पर्याय बन चुकी नरभक्षी बाघिन अवनि को बीते शुक्रवार वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा मार गिराया गया था। अवनि की मौत के बाद यवतमाल जिले के कई गांवों में लोग ख़ुशी मनाते हुए नजर आये।

अवनि को पहले पकड़ने की कोशिश की गई, जिसके लिए 200 से ज्यादा लोग इस काम में लगे लेकिन पकड़ने की कोशिश नाकाम होने के बाद उसे मार गिराया गया।

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