आज़म खान की टिप्पणी

आज़म खान की टिप्पणी पर सत्तापक्ष का बवाल आखिर कितना सही है?

संसद में सत्ता पक्ष का हर बात को लेकर विपक्षी पार्टियों को घेरना और मीडिया समूहों द्वारा अनावश्यक बवाल करने का अब नया चलन बन गया है। ऐसा ही मामला समाजवादी पार्टी के सांसद आज़म खान की टिप्पणी में देखने को मिल रहा है।

आज़म खान ने भाजपा से सांसद व लोकसभा की पीठासीन सभापति रमा देवी को लेकर एक टिप्पणी की, टिप्पणी के अंत में रमा देवी को उन्होंने बहन कहकर भी संबोधित किया लेकिन सत्तापक्ष व मीडिया को आज़म खान की टिप्पणी तो सुनाई दी लेकिन टिप्पणी के अंत का बहन शब्द उनके कानों तक नहीं पंहुचा।

अब भला कोई बहन कहकर अमर्यादित टिप्पणी करेगा? आज़म खान की सदन में की गई टिप्पणी को यू ट्यूब व अन्य वेबसाइटस पर आसानी से देखा जा सकता है। जिसमे आज़म खान एक शेर से शुरुआत करते है और कहते है कि ‘ तू इधर – उधर की बात न कर, ये बता कि काफ़िला लुटा कहाँ ‘, पीठासीन सभापति रमा देवी आज़म के शेर को सुनने के बाद कहती है कि आप भी इधर देखकर बात कीजिये, उधर मत देखिये। जिसके जवाब में आज़म खान कहते है कि ‘

मैं तो आपको इतना देखूं कि आप मझसे बोलो की नज़र हटा लो, अध्यक्ष महोदय मुझे आप इतनी अच्छी लगती है कि मैं आपकी आँखों में आंखे डाले रहूं, ये मेरा मन करता है। मैं तो कभी नजर न हटाऊँ आपसे, आप इतनी अच्छी जगह बैठी है।’ सभापति रमा देवी, आज़म की टिप्पणी पर नाखुशी जताती है जिस पर आज़म खान उन्हें अपनी बहन और सम्मानीय कहते है।

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फिर धीरे – धीरे सदन में मौजूद सत्तापक्ष के सांसद आज़म की टिप्पणी से असहमत होकर शोर मचाना शुरू कर देते है। आज़म की टिप्पणी को अब मीडिया तथा सत्ता पक्ष अमर्यादित करार देकर उनको सदन से बर्खास्त करने की माँग कर रहा है। सवाल यह है कि सदन में ऐसी अमर्यादित टिप्पणी पहली बार हुई है? जिसमें टिप्पणी करने वाले ने बहन भी कहा हो। जवाब न है।

पीएम मोदी ने सदन में बैठकर कांग्रेस की महिला नेता रेणुका चौधरी की तुलना रामायण की राक्षसी से की थी। तब सदन में न तो उनको बहन बोला गया और न ही सत्ता पक्ष द्वारा माँफी की मांग की गई, बल्कि सदन ठहाको से गूँज गया था। इसके अलावा देश में बलात्कार की घटनाओं को लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा शर्मनाक बयान दिए गए, यहाँ तक कि बलात्कार के आरोपियों के समर्थन में मार्च तक निकाले गए। जब किसी ने इसका विरोध करने का दुस्साहस तक नहीं किया।

आखिर ये कैसे महिला सम्मान की पहल देश में चल रही है। जहाँ विपक्ष की ओछी टिप्पणी को लेकर बवाल मचाया जायेगा और सत्ता पक्ष की टिप्पणी को माफ़ कर चुपके से भुला दिया जायेगा।

NS Team

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