बच्चों के लिए कब्रगाह

बच्चों के लिए कब्रगाह बना यूपी के बहराइच का जिला अस्पताल, 45 दिन में 71 बच्चों की मौत

उत्तरप्रदेश में अस्पताल, अब बच्चों के इलाज करने की जगह उनके लिए कब्रगाह साबित हो रहे है। बच्चों के लिए कब्रगाह बना यूपी के बहराइच का जिला अस्पताल कुछ यही कहानी बताता है।

मात्र 45 दिनों में 71 बच्चे काल के गाल में समा गए। बीआरडी कॉलेज मामले के बाद चर्चा में आये डॉ कफील, जब बच्चों की मौत का कारण जानने पहुंचे तो उन्हें हंगामा करने के आरोप में अस्पताल प्रसाशन ने गिरफ्तार करवा दिया।

जनसत्ता की खबर के मुताबिक शनिवार को डॉ कफील तथा उनके दो साथी महिपाल सिंह और सूरज पाण्डे बहराइच के जिला अस्पताल, पता करने गए थे कि पिछले 45 दिनों में 71 बच्चों की मौत इन्सेफेलाइटिस(दिमागी बुखार) की वजह से हुई है या कुछ और वजह है।

अस्पताल में बीमार बच्चों के परिजनों से बातचीत करने के दौरान पुलिस की टीम वहां पहुँचती है और डॉ कफील तथा उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले जाती है। ख़बरों के मुताबिक डॉ कफील अस्पताल में मीडिया की प्रेस – कॉन्फ्रेंस कराना चाहते थे, जिसके लिए प्रसाशन ने उन्हें अनुमति नहीं दी।

मामले पर बहराइच जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ डीके सिंह ने जनसत्ता को बताया कि ‘डॉ कफील तथा उनके साथी बिना किसी अनुमति के बीमार बच्चों के परिजनों से सवाल – जवाब कर रहे थे, जिसकी वजह से वार्ड में परेशानियां खड़ी हो रही थी।’

बच्चों की मौत के सवाल पर सिंह ने कहा कि ‘1 अगस्त से लेकर 16 सितम्बर तक 71 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसमें से एक बच्चे की मौत इन्सेफेलाइटिस(दिमागी बुखार) तथा अन्य की मौत अन्य कारणों से हुई है।’

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जानकारी के लिए बता दें कि डॉ कफील वही शख्स है जिन्हे बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से कुछ ही दिनों में 60 बच्चों की मौत के लिए आरोपी बनाया गया था।

डॉ कफील को बीआरडी मामले जेल जाना पड़ा था, हालांकि उन्हें कोर्ट द्वारा राहत दी गई और जमानत पर बाहर आ गए। जमानत पर बाहर आकर डॉ कफील ने योगी सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार ने उन्हें बेवजह बलि का बकरा बनाया है।

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