मोती की खेती

क्या है मोती की खेती और कितना मिलता है मुनाफ़ा? यहाँ है आपके सारे सवालों के जवाब

मोती की खेती का नाम सुनकर कई लोग तो इसे समुद्र या नदी किनारे होने वाली खेती से लगाते होंगे लेकिन वास्तव में मोती की खेती कहीं भी की जा सकती है।

यह खेती आपके खाली पड़े फार्म हाउस, प्लॉटो, खेतों  या तालाबो आदि जगहों पर की जा सकती है। इस तरह की मोती की खेती को फ्रेश वाटर पर्ल फार्मिंग कहा जाता है।

अगर हम एक दशक पीछे जाए तो यह खेती बहुत ही कम लोग करते थे क्योंकि उस वक़्त इस खेती में बहुत ही ज्यादा ख़र्चा होता था। जिसकी वजह से यह खेती आर्थिक रूप से संपन्न लोग हो कर पाते थे। लेकिन आज के समय यह खेती कुछ लाख रूपए की रकम लगाकर आसानी से शुरू की जा सकती है।

कैसे कर सकते है आप भी मोती की खेती

शुरुआत में मोती खेती भारत के दक्षिण के कुछ राज्यों तक ही सीमित थी, लेकिन अब यह कारोबार भारत के कई राज्यों में फ़ैल चुका है।  खेती करने के लिए अब किसान संस्था बकायदा प्रशिक्षण भी देती है।

इसके अलावा आप कंपनियों के माध्यम से बगैर प्रशिक्षण के भी यह बिज़नेस शुरू कर सकते है। कंपनियों से करार करने के बाद वह मोती की खेती की सारी सुविधाये आपको आराम से मुहैय्या करा देती है।

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कितना समय लगता है मोती बनने में

सीप के अंदर पूर्ण मोती बनने की प्रक्रिया 1 या 2 महीनों में हो पाना संभव नहीं है। इसलिए सीप के अंदर मोती बनने में करीब 11 से 13 महीनों का समय लगता है। मोती बनने के बाद सीप की सर्जरी कर मोती को बाहर निकाल लिया जाता है।

कितना होता है मुनाफा ?

भारत व अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में मोतियों की माँग बहुत ज्यादा है। इसलिए तैयार माल को बेचने में आपको कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। वही बात अगर मुनाफ़े की जाये तो आपकी अच्छी मोतियों की फसल पर आपको लागत मूल्य का 10 गुना तक लाभ आसानी से मिल सकता है।

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